भारतीय क्रिकेट का नया सितारा: यशस्वी जायसवाल पर मदन लाल का बेजोड़ बयान

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भारतीय क्रिकेट में कभी-कभी ऐसे सितारे उभरते हैं जो अपनी चमक से सबको हैरान कर देते हैं। यशस्वी जायसवाल ऐसा ही एक नाम है, जिसने अपनी प्रतिभा से न केवल प्रशंसकों का दिल जीता है, बल्कि क्रिकेट विशेषज्ञों को भी अपना मुरीद बना लिया है। हाल ही में, 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे महान मदन लाल ने इस युवा ओपनर को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जो भारतीय क्रिकेट गलियारों में बहस का विषय बन गया है। उनके मुताबिक, जायसवाल सिर्फ एक फॉर्मेट के खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के `ऑल-फॉर्मेट` सुपरस्टार हैं।

मदन लाल का अटूट विश्वास: “मैं उसे कभी बाहर नहीं करता”

जब एक विश्व कप विजेता खिलाड़ी किसी युवा प्रतिभा के लिए इतनी दृढ़ता से खड़ा हो, तो उस पर ध्यान देना लाजिमी है। `क्रिकेट प्रेडिक्टा टीवी शो` में एक बेबाक बातचीत के दौरान, मदन लाल ने यशस्वी जायसवाल की तारीफ करते हुए कहा:

“अगर मैं चयनकर्ता होता, तो यशस्वी जायसवाल को किसी भी फॉर्मेट से बाहर नहीं करता। वह एक ऐसे मैच विजेता खिलाड़ी हैं, जिन्होंने खुद को ऑस्ट्रेलिया में भी साबित किया है। चाहे वह एशिया कप हो, एकदिवसीय मैच हो या टेस्ट मैच — उनके जैसा खिलाड़ी हमेशा प्लेइंग इलेवन में होना चाहिए। जब कोई अकेले दम पर मैच जिता सकता है, तो आप उसे पूरा समर्थन देते हैं। जायसवाल भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं। अगर मेरे हाथ में होता, तो वह तीनों फॉर्मेट में खेलते।”

उनके इस बयान में एक अनुभवी खिलाड़ी का अटूट विश्वास साफ झलकता है, और यह जायसवाल की क्षमता पर एक मजबूत मुहर है।

आंकड़ों की गवाही: जायसवाल की शानदार यात्रा

मदन लाल की बातों को आंकड़ों की ज़ुबान भी बखूबी बयां करती है। यशस्वी जायसवाल ने क्रिकेट के हर फॉर्मेट में अपनी छाप छोड़ी है, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है:

  • टेस्ट क्रिकेट में दबदबा: जायसवाल ने खुद को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मौजूदा टेस्ट बल्लेबाजों में से एक के रूप में साबित किया है।

    • 26 मैचों की 49 पारियों में 51.65 की शानदार औसत से 2,428 रन।
    • सात शतक और 12 अर्धशतक।
    • उनके सात शतकों में से पांच 150+ के स्कोर रहे हैं, जिनमें दो दोहरे शतक (सर्वश्रेष्ठ 214*) शामिल हैं। यह आंकड़े उनके बड़े स्कोर बनाने की क्षमता को दर्शाते हैं।
  • टी20आई में विस्फोटक प्रदर्शन: तेज़-तर्रार टी20आई में भी जायसवाल उतने ही दमदार हैं।

    • 23 मैचों की 22 पारियों में 36.15 की औसत और 164 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 723 रन।
    • एक शतक और पांच अर्धशतक (सर्वश्रेष्ठ 100)।
    • आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स (RR) के लिए भी उनका प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। इस सीज़न में उन्होंने 14 पारियों में 43.00 की औसत और लगभग 160 के स्ट्राइक रेट से 559 रन बनाए, जिसमें छह अर्धशतक शामिल थे।
  • वनडे और लिस्ट-ए में क्षमता:

    • भारत के लिए केवल एक वनडे मैच खेला है (15 रन)।
    • हालांकि, 46 लिस्ट-ए मैचों में उन्होंने 33 पारियों में 52.62 की औसत से 1,526 रन बनाए हैं, जिसमें पांच शतक और सात अर्धशतक (सर्वश्रेष्ठ 203) शामिल हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि वह इस फॉर्मेट के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं।

चयनकर्ताओं की चुनौती और जायसवाल का भविष्य

जहां एक ओर आंकड़ों का पहाड़ है, वहीं दूसरी ओर चयनकर्ताओं की कुर्सी पर एक अजीब सी चुनौती। अपने बेहतरीन रिकॉर्ड के बावजूद, जायसवाल पिछले साल जुलाई के बाद से टी20आई में नहीं दिखे हैं, क्योंकि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता दी। इस बीच अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ियों ने सलामी बल्लेबाज के रूप में अपनी जगह बनाई। यह स्थिति थोड़ी विडंबनापूर्ण लगती है – एक तरफ एक `मैच-विनर` है, दूसरी तरफ उसे अपनी जगह के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, शायद अपनी पसंद के कारण।

मदन लाल का बयान इस बात पर ज़ोर देता है कि भारतीय क्रिकेट को ऐसी प्रतिभा को केवल एक फॉर्मेट तक सीमित नहीं रखना चाहिए। एक ऐसे खिलाड़ी को जो तीनों फॉर्मेट में रन बना सकता है और टीम को जीत दिला सकता है, उसे पर्याप्त मौके मिलने चाहिए। यह युवा खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट के लिए सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि भविष्य की उम्मीद हैं।

विराट और रोहित: दिग्गजों का सम्मान भी उतना ही ज़रूरी

मदन लाल केवल युवा प्रतिभा तक ही सीमित नहीं रहे। उन्होंने विराट कोहली के ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले की मानसिकता पर भी अपनी राय रखी, यह रेखांकित करते हुए कि इस श्रृंखला में मानसिक दृढ़ता की कितनी आवश्यकता होगी। “विराट को अब अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर आना होगा, क्योंकि उनका सामना एक मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम से है,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि रोहित और विराट जैसे खिलाड़ियों को एक भावभीनी विदाई मिलनी चाहिए, जैसी दुनिया राफेल नडाल को देगी। यह बयान युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच एक संतुलन स्थापित करने की उनकी इच्छा को दर्शाता है – नए सितारों को मंच देना, लेकिन पुराने दिग्गजों के योगदान को कभी न भूलना।

निष्कर्ष

यशस्वी जायसवाल भारतीय क्रिकेट के लिए सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि भविष्य की उम्मीद हैं। मदन लाल जैसे दिग्गजों का उन पर विश्वास यह दर्शाता है कि यह युवा खिलाड़ी कितने खास हैं। अब यह चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन पर है कि वे इस अमूल्य प्रतिभा का सर्वोत्तम उपयोग कैसे करें। क्या वह वास्तव में भारतीय क्रिकेट के अगले `ऑल-फॉर्मेट` सुपरस्टार बनेंगे, यह देखना रोमांचक होगा। एक बात तो तय है, यशस्वी जायसवाल का नाम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अपनी जगह बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

निरव धनराज

दिल्ली के प्रतिभाशाली खेल पत्रकार निरव धनराज हॉकी और बैडमिंटन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। उनकी रिपोर्टिंग में खिलाड़ियों की मानसिकता की गहरी समझ झलकती है।

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