शतरंज की दुनिया एक बार फिर टीम भावना के रोमांच से गुलज़ार होने वाली है। ग्लोबल शतरंज लीग (GCL) का तीसरा और सबसे बड़ा सीज़न 14 दिसंबर से भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में शुरू हो रहा है। यह सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि एक ऐसा मंच है जहां विश्व चैंपियन डी गुकेश, शतरंज के लीजेंड विश्वनाथन आनंद और ऑनलाइन सनसनी हिकारू नाकामुरा जैसे धुरंधर एक-दूसरे के खिलाफ टीम फॉर्मेट में ताल ठोकते नज़र आएंगे।
GCL क्या है? शतरंज की बिसात पर टी20 का माहौल
GCL ने 2023 में दुबई में अपनी शुरुआत की, और 2024 में लंदन में धूम मचाने के बाद, अब इसका कारवां मुंबई के प्रतिष्ठित रॉयल ओपेरा हाउस पहुंच चुका है। यह लीग पारंपरिक व्यक्तिगत शतरंज से अलग है। यहां छह टीमें होती हैं, जिनमें हर टीम में आइकॉन प्लेयर, दो पुरुष, दो महिला और एक जूनियर खिलाड़ी शामिल होते हैं। यह फॉर्मेट शतरंज में वह टीम स्पिरिट लेकर आता है, जो आमतौर पर केवल ओलंपियाड जैसे बड़े आयोजनों में ही देखने को मिलती है।
अगर आप सोचते हैं कि शतरंज केवल एकांत में खेला जाने वाला खेल है, तो GCL आपको गलत साबित कर देगा। यहां हर चाल पर टीम का दबाव और उत्साह होता है।
सितारों की फौज और भारतीय दबदबा
इस सीज़न में खिलाड़ियों की सूची किसी गैलेक्सी से कम नहीं है। भारतीय शतरंज के लिए यह विशेष महत्व रखता है, क्योंकि विश्व चैंपियन डी गुकेश (PBG अलास्का नाइट्स) और भारत के पांच बार के विश्व विजेता विश्वनाथन आनंद (गंगेश ग्रैंडमास्टर्स) सीधे मैदान में होंगे।
इसके अलावा, कोनेरू हम्पी, आर प्रज्ञानानंद, हरिका द्रोणावल्ली और विदित गुजराती जैसे भारतीय सितारे भी अपने-अपने खेमों में शामिल हैं। हम्पी के लिए, यह टूर्नामेंट FIDE महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की तैयारी का एक शानदार अवसर है। उनके अनुसार, GCL वह जगह है जहां उन्हें Maxime Vachier-Lagrave और Wesley So जैसे दिग्गजों के साथ बातचीत करने और विचार साझा करने का मौका मिलता है।
क्या इस बार त्रिवेणी किंग्स को कोई रोक पाएगा? पिछले दोनों सीज़न, 2023 और 2024, में त्रिवेणी कॉन्टिनेंटल किंग्स ने खिताब जीता था। इस बार भी ईरान के स्टार अलिरेज़ा फिरौजा उनकी टीम का नेतृत्व करेंगे, और वे निश्चित रूप से खिताबी हैट्रिक की तलाश में होंगे। लेकिन फैबियानो कारूआना (अल्पाइन एसजी पाइपर्स) और हिकारू नाकामुरा (अमेरिकन गैम्बिट्स) की टीमें उन्हें कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार हैं।
| टीम | आइकॉन प्लेयर (Icon Player) | प्रमुख पुरुष खिलाड़ी | प्रमुख महिला खिलाड़ी |
|---|---|---|---|
| Alpine SG Pipers | Fabiano Caruana | R Praggnanandhaa, Anish Giri | Hou Yifan |
| Ganges Grandmasters | Viswanathan Anand | Vincent Keymer | Stavroula Tsolakidou |
| upGrad Mumba Masters | Maxime Vachier-Lagrave | Wesley So, Shakhriyar Mamedyarov | Koneru Humpy, Harika Dronavalli |
| PBG Alaskan Knights | Gukesh Dommaraju | Arjun Erigaisi, Leinier Dominguez | Sara Khadem, Kateryna Lagno |
| Triveni Continental Kings | Alireza Firouzja | Wei Yi, Vidit Gujrathi | Alexandra Kosteniuk |
| American Gambits | Hikaru Nakamura | Richard Rapport | Bibisara Assaubayeva |
घड़ी पर कंट्रोल या बोर्ड पर श्रेष्ठता? बड़ा फॉर्मेट बदलाव
शतरंज प्रेमियों और खुद खिलाड़ियों के लिए इस सीज़न का सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव टाइम कंट्रोल (समय नियंत्रण) है। पिछले सीज़न में 20 मिनट का टाइम कंट्रोल था, जिसमें कोई वृद्धि (Increment) नहीं थी। इससे अक्सर गेम की गुणवत्ता खराब हो जाती थी और अंत में जीत उस खिलाड़ी की होती थी जिसकी `घड़ी पर उंगलियां तेज` चलती थीं, न कि जिसकी चालें श्रेष्ठ होती थीं।
GCL कमिश्नर गौरव रक्षित ने खिलाड़ियों से परामर्श के बाद एक बड़ा फैसला लिया है। अब 40वीं चाल के बाद प्रत्येक खिलाड़ी को दो सेकंड की वृद्धि (2-second increment) मिलेगी। यह कदम खेल की अखंडता सुनिश्चित करेगा। अर्जुन एरिगैसी, अनीश गिरी और कोनेरू हम्पी जैसे कई टॉप खिलाड़ियों ने इंक्रीमेंट के बिना खेले जाने वाले रैपिड फॉर्मेट पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। अब GCL ने उनकी इच्छा पूरी कर दी है। यह दिखाता है कि लीग आयोजक केवल ग्लैमर नहीं, बल्कि खेल की गुणवत्ता को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
GCL फॉर्मेट और पॉइंट्स की गणित
लीग चरण में, प्रत्येक टीम दूसरी टीम के खिलाफ एक मैच खेलेगी। शीर्ष दो टीमें फाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी, जो बेस्ट-ऑफ-टू मैच होगा।
GCL की स्कोरिंग प्रणाली काफी खास है:
- काले मोहरों से जीत: 4 गेम पॉइंट्स।
- सफेद मोहरों से जीत: 3 गेम पॉइंट्स।
- ड्रॉ: 1 गेम पॉइंट।
सभी छह बोर्डों के पॉइंट्स जोड़कर टीम का कुल स्कोर निर्धारित होता है। इस आधार पर मैच पॉइंट्स दिए जाते हैं:
- मैच जीतने पर: 3 मैच पॉइंट्स।
- मैच ड्रॉ होने पर: 1 मैच पॉइंट।
- मैच हारने पर: 0 मैच पॉइंट्स।
फैन्स के लिए अनुभव में सुधार
गौरव रक्षित का लक्ष्य रॉयल ओपेरा हाउस में सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि `शतरंज का त्योहार` (Festival atmosphere) बनाना है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि फैंस खेल को खेलते हुए देखें और उसे समझ भी पाएं। इसलिए आयोजक विचार कर रहे हैं कि फैंस को प्लेइंग हॉल में हेडफोन पहनने की अनुमति दी जाए ताकि वे कमेंट्री सुन सकें।
GCL यह सुनिश्चित करना चाहती है कि शतरंज केवल `हार्डकोर` प्रशंसकों के लिए नहीं, बल्कि हर किसी के लिए सुलभ हो। हालांकि, मुख्य हॉल में डिवाइस की अनुमति देना एक संवेदनशील विषय है, जिस पर अभी भी विचार चल रहा है।
जीत का अनुमान? यह तो शतरंज है!
GCL में विजेता का अनुमान लगाना लगभग असंभव है। इसका सबसे बड़ा सबूत 2023 में तब मिला था जब मैग्नस कार्लसन, गुकेश और प्रज्ञानानंद जैसी खिलाड़ियों वाली टीम टॉप दो में जगह नहीं बना पाई थी।
कागज़ पर, फैबियानो कारूआना के नेतृत्व वाली अल्पाइन एसजी पाइपर्स और गुकेश तथा अर्जुन एरिगैसी से लैस PBG अलास्का नाइट्स सबसे संतुलित टीमें लगती हैं। हालांकि, गुकेश की रैपिड फॉर्म (जो एक संभावित कमजोरी मानी जाती है) पर सबकी नजरें टिकी होंगी।
GCL सीजन 3 मुंबई में शुरू हो रहा है, और यह तय है कि शतरंज की बिसात पर एक और अप्रत्याशित और रोमांचक महासंग्राम देखने को मिलेगा।
