अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) और एशियाई शतरंज महासंघ (ACF) ने हाल ही में अपने एक महान स्तंभ, कास्तो अबुंडो (1950-2025) को खो दिया। अबुंडो सिर्फ एक प्रशासक नहीं थे; वह एशियाई शतरंज के अघोषित वास्तुकार थे, जिन्होंने आधुनिक खेल की नींव रखी। लेकिन उनकी कहानी केवल कागजात और बैठकों तक सीमित नहीं है। उनकी विरासत में 1970 के दशक के महानतम लेकिन सबसे रहस्यमय खिलाड़ी—बॉबी फिशर—के साथ बिताए गए एक महीने की अनूठी दास्तान भी शामिल है।
एशियाई शतरंज के नींव पत्थर
फिलीपींस के कास्तो अबुंडो ने दशकों तक शतरंज के खेल को समर्पित रहे। 1978 में अंतर्राष्ट्रीय आर्बिटर बनने के बाद से, उन्होंने महाद्वीपीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तरों पर अथक प्रयास किया। एशियाई शतरंज महासंघ (ACF) के कार्यकारी निदेशक और उपाध्यक्ष (2006-2014) के रूप में, उनका मुख्य ध्यान एशिया में खेल के संस्थागत ढांचे को मजबूत करना था। उनकी दूरदर्शिता ने ही यह सुनिश्चित किया कि आने वाले कई वर्षों तक एशिया वैश्विक शतरंज शक्ति के रूप में उभरे।
अबुंडो अपनी असाधारण संगठनात्मक क्षमताओं के लिए जाने जाते थे। जब शतरंज के बड़े आयोजनों की बात आती थी, तो वह एक बेजोड़ निष्पादक (Executor) थे। उन्होंने 1992 के मनीला शतरंज ओलंपियाड, 2000 विश्व चैंपियनशिप, और 2001 विश्व कप जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों में निदेशक और मुख्य आर्बिटर के रूप में कार्य किया। यह उनकी प्रशासनिक कुशलता ही थी, जिसने इन आयोजनों को विवादों से दूर, सुचारु रूप से चलाने में मदद की।
कैम्पोमेनस युग: जब ईमेल नहीं था, तब दुनिया चलती थी
अबुंडो का करियर फिडे के इतिहास के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर Florencio Campomanes (कैम्पोमेनस) के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ था। 1988 से 1990 तक फिडे सचिव के रूप में, अबुंडो ने उस दौर में काम किया जब अंतर्राष्ट्रीय प्रशासन आज की तरह डिजिटल रूप से जुड़ा हुआ नहीं था। आज जब एक ईमेल के बिना काम रुक जाता है, तब अबुंडो और कैम्पोमेनस सिर्फ चार लोगों के एक छोटे से कार्यालय से दुनिया भर के शतरंज का प्रबंधन करते थे।
अपने अनुभव को याद करते हुए, अबुंडो ने एक बार मजाक में कहा था कि वे “सप्ताह में आठ दिन, दिन में पच्चीस घंटे” काम करते थे। यह उस समय की वास्तविकता को दर्शाता है जब जुनून और व्यक्तिगत संपर्क ही एकमात्र तकनीकी सहायता थे।
वह सिर्फ नौकरशाह नहीं थे, बल्कि गेम चेंजर थे। जब शीर्ष खिलाड़ी (`प्राइमा डोना`) मैच से हटने की धमकी देकर आयोजकों को मुश्किल में डालते थे, तो अबुंडो ने फिडे के तत्कालीन राष्ट्रपति किरसन इल्युमज़िनोव को विश्व कप नॉकआउट सिस्टम का प्रस्ताव दिया था। यह एक ऐसा संगठनात्मक समाधान था, जिसने शतरंज कैलेंडर को स्थिरता प्रदान की और आयोजकों की परेशानियों को कम किया। एक प्रशासक का काम सिर्फ नियमों को लागू करना नहीं होता, बल्कि खेल को व्यवहारिक रूप से आगे बढ़ाने के लिए नवाचार करना भी होता है।
फिशर के साथ एक महीना: महानता की निजी निगरानी
शायद अबुंडो के जीवन का सबसे अनोखा और दिलचस्प अध्याय 1976 में आता है, जब फिलीपींस में बॉबी फिशर को वापस कारपोव के साथ मैच के लिए मनाने की कोशिशें चल रही थीं। उस समय, कास्तो अबुंडो को एक बहुत ही संवेदनशील मिशन सौंपा गया था: बॉबी फिशर की निजी देखभाल करना।
यह काम किसी अंतरराष्ट्रीय शतरंज अधिकारी का कम, और एक व्यक्तिगत सहायक (Personal Chaperone) का ज़्यादा था। अबुंडो ने एक पूरे महीने तक फिशर का साथ दिया। उनका काम था: फिशर के साथ रैकेटबॉल खेलना, दूर खुले समुद्रों में उनके साथ तैरने जाना, लंबी रात की सैर पर उनके साथ शतरंज पर चर्चा करना, और तो और—फिलीपीनी राष्ट्रीय शतरंज टीम की एक सदस्य के साथ फिशर की मुलाकात की व्यवस्था करना।
कल्पना कीजिए, दुनिया के सबसे असाधारण शतरंज प्रतिभा के साथ हर रात बैठना, जब वह `शतरंज इनफॉर्मेन्ट` (Chess Informant) से गेमों को दोहराते थे। यह अबुंडो की व्यक्तिगत विनम्रता और समर्पण का प्रमाण है कि वह इतने अप्रत्याशित प्रतिभा के साथ इतने सहजता से काम कर सके। फिलीपींस के राष्ट्रपति मार्कोस की नौका तक उन्हें ले जाने से लेकर उनकी हर व्यक्तिगत जरूरत का ध्यान रखना, अबुंडो ने शतरंज के इतिहास के एक सबसे नाजुक अध्याय में पर्दे के पीछे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विरासत और आगे का मार्ग
कास्तो अबुंडो का निधन वैश्विक शतरंज समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति है। वह अपनी दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते थे, जिनमें राष्ट्रीय महासंघों को एकजुट करने और आपसी सम्मान की भावना को बढ़ावा देने की दुर्लभ क्षमता थी।
उनके गहरे पेशेवर और मानवीय विरासत को हमेशा संजोकर रखा जाएगा। उन्होंने जो नींव रखी, उस पर एशियाई शतरंज की सफलता की इमारत खड़ी है। शतरंज की बिसात पर बेशक खिलाड़ी बाजी मारते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे अबुंडो जैसे लोग ही होते हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि खेल बिना रुके आगे बढ़ता रहे।
